ज्ञान की शाखाएँ
क्षेत्रों के अनुसार व्यवस्थित कॉर्पस: हर शाखा सूचीपत्र के उन लेखकों को जोड़ती है जो उससे संबंधित हैं। एक ही प्रविष्टि कई शाखाओं में हो सकती है — अरस्तू एक साथ राजनीति, अलंकारशास्त्र, सौंदर्यशास्त्र और विज्ञान है — क्योंकि ये टैग हैं, दराज़ें नहीं।
राजनीति, सत्ता और रणनीतिप्लेटो की 'रिपब्लिक' से 'राज्य और क्रांति' तक: सत्ता का पूरा सिद्धांत, आलोचकों समेत — अराजकतावादी, समाजवादी और परंपरावादी।मनोविज्ञान और सामाजिक विज्ञानवैज्ञानिक मनोविज्ञान के संस्थापकों से समाजशास्त्र के जनकों तक: जेम्स, जर्मन मूल में फ्रायड, फ़्रांसीसी में दुर्खीम, वेबर, ज़िमेल और कॉम्त।अलंकारशास्त्र, पत्र और संस्मरणबोलने की कला और आत्मकथन की कला: अरस्तू का 'रेटोरिक', वक्ता सिसरो, सेनेका के पत्र, और ऑगस्टीन, आविला की तेरेसा तथा टॉल्स्टॉय की स्वीकारोक्तियाँ।पुराण, गाथाएँ और लोकसाहित्यहेसिओद के देवताओं से नॉर्स एड्डा तक, गिलगमेश से पोपोल वुह तक: संस्कृतियों की आधार-कथाएँ, मूल स्रोतों में।अर्थशास्त्र और सामाजिक चिंतनएडम स्मिथ से रोज़ा लक्ज़ेमबर्ग तक: मूल्य, श्रम, संपत्ति और संकट — उन्हीं क्लासिकों की ज़बानी जिन्होंने इस बहस की शर्तें गढ़ीं।कला, सौंदर्यशास्त्र और सांस्कृतिक सिद्धांतसौंदर्य क्या है और क्यों मायने रखता है: 'पोएटिक्स' और 'निर्णय-शक्ति की समीक्षा' से हेगेल के सौंदर्यशास्त्र और टॉल्स्टॉय के 'कला क्या है?' तक।विज्ञान का इतिहासज्ञान कैसे अर्जित हुआ: अरस्तू का जीवविज्ञान, लुक्रेतियस का परमाणुवाद, बेकन की पद्धति और डार्विन की क्रांति।