अलंकारशास्त्र, पत्र और संस्मरण
बोलने की कला और आत्मकथन की कला: अरस्तू का 'रेटोरिक', वक्ता सिसरो, सेनेका के पत्र, और ऑगस्टीन, आविला की तेरेसा तथा टॉल्स्टॉय की स्वीकारोक्तियाँ।
बोलने की कला और आत्मकथन की कला: अरस्तू का 'रेटोरिक', वक्ता सिसरो, सेनेका के पत्र, और ऑगस्टीन, आविला की तेरेसा तथा टॉल्स्टॉय की स्वीकारोक्तियाँ।