मोरालिया इन जॉब (अय्यूब की पुस्तक पर नैतिक टिप्पणी), खंड II
- भाषा:
- अंग्रेज़ी
- स्थिति:
- संपूर्ण कृति
- लेखकत्व:
- लेखक द्वारा लिखित
- पाठ की स्थिति:
- स्वच्छ पाठ
- विस्तार:
- ~3,00,000 शब्द · 1,431 अंश
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यह किस बारे में है
अय्यूब पर ग्रेगरी महान के भाष्य की निरंतरता, उसी उन्नीसवीं सदी के अंग्रेज़ी अनुवाद में।
संदर्भ और इतिहास
सबसे भारी असर इसी हिस्से का रहा: यहाँ पुस्तक नैतिक जीवन का ग्रंथ बन जाती है, और इसी में प्रधान दोषों की वह सूची है जो आगे मध्ययुग तक और किसी न किसी रास्ते दांते तक पहुँची। यह याद रखना उपयोगी है कि यह है क्या: मेज़ पर लिखा सिद्धांत नहीं, बल्कि संन्यासियों के समुदाय के सामने की गई व्याख्या, जिसे बाद में संशोधित किया गया; और लहजा उस व्यक्ति का है जो अपने परिचितों से बात कर रहा हो।
यह संपादकीय संदर्भ है, उद्धरण-योग्य स्रोत नहीं: कृति के अंशों के विपरीत, इन कथनों की जाँच कॉर्पस में नहीं की जा सकती।
In which the twelfth chapter, from the sixth verse, the thirteenth, and the first four verses of the fourteenth, are explained, a different style heing adopted for the time. 1. Though in a long work variableness of style ought not i. to be a matter of blame, yet lest any should censure me for change in my way of expressing myself, in the Epistle which was prefixed to these books, I gave the reasons^ why I never ^ pi. A. brought the third part of this Work up to a likeness and^^^ ' ' accordance with the others by amending it. And while
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