Agudeza y arte de ingenio; Oráculo manual y arte de prudencia (1669)
- भाषा:
- स्पेनिश
- स्थिति:
- संपूर्ण कृति
- लेखकत्व:
- लेखक द्वारा लिखित
- पाठ की स्थिति:
- स्कैन की त्रुटियों सहित · 1 अपठनीय अंश, उत्तरों से बाहर रखे गए
- विस्तार:
- ~2,40,000 शब्द · 1,152 अंश
इस कृति का हवाला दें
- APAबाल्तासार ग्रासियान. (n.d.). Agudeza y arte de ingenio; Oráculo manual y arte de prudencia (1669). SigPhi. https://sigphiai.com/hi/works/baltasar-gracian/agudeza-y-arte-de-ingenio-oraculo-manual-y-arte-de-prudencia-1669
- MLAबाल्तासार ग्रासियान. "Agudeza y arte de ingenio; Oráculo manual y arte de prudencia (1669)." SigPhi, https://sigphiai.com/hi/works/baltasar-gracian/agudeza-y-arte-de-ingenio-oraculo-manual-y-arte-de-prudencia-1669.
- Chicagoबाल्तासार ग्रासियान. Agudeza y arte de ingenio; Oráculo manual y arte de prudencia (1669). SigPhi. https://sigphiai.com/hi/works/baltasar-gracian/agudeza-y-arte-de-ingenio-oraculo-manual-y-arte-de-prudencia-1669.
यह किस बारे में है
ग्रासियान की दो कृतियाँ एक खंड में: 'तीक्ष्णता और प्रतिभा की कला', जो रूपक और 'संकल्पना' का सिद्धांत है; और 'हस्त-दैववाणी', लोगों के बीच कैसे चला जाए इस पर तीन सौ सूक्तियाँ।
संदर्भ और इतिहास
'तीक्ष्णता' वह पाठ है जिसमें स्पेनी संकल्पनावाद अपना बचाव स्वयं करता है: उसका कहना है कि कठिनता शैली का दोष नहीं, बल्कि वह ढंग है जिससे प्रतिभा उसे कहती है जो अन्यथा अनकहा रह जाता। 'दैववाणी' अधिक शुष्क है और अधिक दूर तक गई: शोपेनहावर ने उसका जर्मन अनुवाद किया और उसे आजीवन बार-बार पढ़ने योग्य पुस्तक माना। दोनों में दूसरों के अभिप्रायों के प्रति एक ठंडा अविश्वास साझा है, जो उस समय नया था।
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